सोमवार, 18 अक्तूबर 2010

एक चित्र कविता ललित शर्मा जी की

एक चित्र कविता ललित शर्मा जी की

 


2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा..इसे टंकित भी कर दें साथ तो बेहतर!!

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

समीर से सहमत. यू बल्ले बल्ले बात तो है ही.