रविवार, 12 सितंबर 2010

पर्युषण पर्व पर ग्रीटिंग़--आर्ट गैलरी से

क्षमा याचना ग्रीटिंग़



आर्ट गैलरी

5 टिप्‍पणियां:

हें प्रभु यह तेरापंथ ने कहा…

आदरणीय मेरे शुभचिन्तकगण मित्रो एवम भाईयो .
जय जिनेन्द्र


खामेमि सव्व जीवे सव्वे जीवा खमन्तु मे.
मित्ति मे सव्व भूयेषु वैरन मज्झ न केणई


"विगत 365 दिनो मे जाने अनजाने, अपके दिल को दुखाया हो तो मै पर्युषण महापर्व का आज सवत्सरी का प्रतिक्रमण करते हूऎ मन से वचन से काया से सरल हर्दय से खमत-खामणा करता हू, क्षमा मागता हू.

ashokbajajcg.com ने कहा…

बहुत अच्छा ,बधाई

जय जिनेन्द्र !!!

ashokbajajcg.com ने कहा…

ग्राम चौपाल में तकनीकी सुधार की वजह से आप नहीं पहुँच पा रहें है.असुविधा के खेद प्रकट करता हूँ .आपसे क्षमा प्रार्थी हूँ .वैसे भी आज पर्युषण पर्व का शुभारम्भ हुआ है ,इस नाते भी पिछले 365 दिनों में जाने-अनजाने में हुई किसी भूल या गलती से यदि आपकी भावना को ठेस पंहुचीं हो तो कृपा-पूर्वक क्षमा करने का कष्ट करेंगें .आभार


क्षमा वीरस्य भूषणं .

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…


सार्थक लेखन के शुभकामनाएं

दांत का दर्द-1500 का फ़टका
आपकी पोस्ट ब्लॉग4वार्ता पर

संजय बेंगाणी ने कहा…

खम्वत खामणां